किसानों को बरगलाने के लिए भाजपा लगा रही है किसान चौपाल: राजेश राठौड़ (RGTV) PATNA & ROYAL GUJARAT NEWS HINDI

 

पुराने सहयोगी भी मानते हैं किसान विरोधी है भाजपा: राजेश राठौड़
पटना भाजपा के द्वारा आयोजित किए जा रहे किसान चौपाल को बिहार प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने ढकोसला करार दिया है। उन्होंने कहा कि कृषि बिल के माध्यम से किसानों को बर्बाद करने की साजिश करने वाली भाजपा अब किसान चौपाल के माध्यम से बेवकूफ बनाने में जुटी हुई है। उन्होंने कहा कि भाजपा देश में किसान चौपाल आयोजित करने जा रही है जिसमें शायद ही कोई किसान भाग लें। उन्होंने कहा कि भाजपा के द्वारा आयोजित किए जा रहे किसान चौपालों में आरएसएस के कार्यकर्ता तथा कारपोरेट सेक्टर के कार्यकर्ता उपस्थित रहेंगे। अगर भाजपा किसानों से बात करना चाहती है तो दिल्ली में धरने पर बैठे किसानों से क्यों नहीं बात करती। भाजपा यदि किसानों के लिए सच में गंभीर होती तो वो किसानों के आन्दोलनस्थल पर बैठ कर उनके साथ संवाद करती। भाजपा के चौपाल से यदि मामले ही सुलझने वाले होते तो अपने सबसे घनिष्ठ सहयोगी अकाली दल और दुष्यंत चौटाला को समझा लेती। आज किसानों के मुद्दें पर भाजपा के सबसे पुराने सहयोगी उनके खिलाफ आग उगल रहें हैं।
0बिहार प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पार्टी के सबसे पुराने सहयोगी को जब ये बिल किसान विरोधी लगा तो उन्होंने इनका साथ छोड़कर किसानों के साथ जाकर खड़े हो गए। क्योंकि वे जानते हैं कि उनका कृषि बिल पूरी तरह से देशभर के किसानों पर सरकारी कुठाराघात है। बिहार प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने कहा कि किसान चौपाल के नाम पर भाजपा किसान आंदोलन से देश भर में अपने खिलाफ उपजे माहौल को बरगलाने का प्रयास करने जा रही है। उन्होंने कहा कि एक तरफ इतनी ठंड में दिल्ली में किसान धरना पर जमे हैं। उनसे ना बात करके अब भाजपा पूरे देश में किसान चौपाल आयोजित करने की नौटंकी करने जा रही है। पूरा देश इस सच्चाई को समझ रहा है।उन्होंने कहा कि दुनिया के किसी देश में आज तक इतनी बड़ी किसान विरोधी सरकार नहीं आई है।उन्होंने कहा कि किसानों का आंदोलन नरेंद्र मोदी सरकार के लिए ताबूत के अंतिम कील के समान साबित होगी।बिहार प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने भाजपा के किसान चौपाल को कारपोरेट का प्रोपगेंडा करार दिया है।                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                 बिहार रिपोर्ट :   अतुल जोशी ( ब्यूरो चीफ )