कांग्रेस किसके इशारे पर चल रही है सबसे बड़ा सवाल ? नाराजगी का दौर क्यों शुरू हुआ ?

 

गुजरात कांग्रेस भवन में पिछले 2 दिनों से कार्यकर्ताओं की नाराजगी की वजह से स्थानिक स्वराज के चुनाव की टिकट को लेकर कई कहानियां अब आम जनता के बीच में । दो हाथियों की लड़ाई में राजनीतिक दांवपेच में अब कांग्रेस के कर्मठ कार्यकर्ताओं की बलि चढ़ाई जा रही है। जिसका जीता जागता उदाहरण अहमदाबाद के भाईपूरा वॉर्ड में देखा गया।भाईपूरा वॉर्ड में एक ऐसे शख्स को टिकट दे दी गई जिसका उस इलाके में कोई वजूद ही नहीं है।भाईपूरा वॉर्ड के अंदर कांग्रेस के जिन कार्यकर्ताओं ने पिछले 5 साल आम जनता के बीच कांग्रेस की छवि बनाए रखी ऐसे उम्मीदवारों की टिकट काटने के लिए कांग्रेस के ही बड़े दिग्गज नेता जवाबदार हैं। क्योंकि जब नाराज कार्यकर्ताओं से हमने बातचीत की तो इस तरह के कई मामले सामने आए। हालांकि इस पूरे मामले में जानकारी कांग्रेस के सभी नेताओं को है । लेकिन इन सभी मामले में कोई भी बयानबाजी नहीं देने वाला।एक नेता को खत्म करने के लिए एक हाथी ने अपनी पूरी जी जान लगा दी।
लेकिन इसका सबसे बड़ा भुगतान कांग्रेस को करना पड़ सकता है कांग्रेस के आपसी विवाद में कर्मठ कार्यकर्ताओं की बलि दी जा रही है।